हरदोई। जिंदा गाय माता है, मरने के बाद कूड़े के ढेर में, कहाँ है 'गोरक्षक?

हरदोई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गाय प्रेम किसी से छिपा नहीं है। गायों के प्रति उनकी इस संवेदनशीलता का ही नतीजा है कि राज्य में सरकार बनने के बाद से ही गायों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और उनकी देखभाल के लिए कई फ़ैसले लिए गए, गोशालाएं बनवाने के निर्देश दिए गए और बजट में अलग से इसके लिए प्रावधान किया गया। लेकिन राज्य का शायद ही कोई ऐसा इलाक़ा हो जहां से आए दिन गायों-बछड़ों के मरने की ख़बर न आती हो, वो भी भूख से मरने की। 

ऐसा ही एक मामला हरदोई शहर का है जहां पर एक मरी हुई गाय को कूड़ा गाड़ी मे भर दिया गया, यह नजारा कैनाल रोड पर जल निगम के पास का है। नगर पालिका के कर्मचारियो द्वारा ऐसा कार्य बहुत ही निंदनीय है इस पर अध्यक्ष मधुर मिश्रा व जिला अधिकारी को इस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो ताकि आगे भविष्य में ऐसा कोई ना करे।

अब सोचने वाली बात है कि जहां सरकार करोड़ो रुपए गौशालाओं पर खर्च करने के बावजूद भी गायें भूख और प्यास से मर रही है, आखिर क्यौ ?

यहां एक सवाल और महत्वपूर्ण है कि राज्य में गायों की देखभाल के लिए जगह-जगह देखे जाने वाले 'गोरक्षकों' की निगाह बीमारी और भुखमरी की शिकार इन गायों पर क्यों नहीं पड़ती?