हरदोई। एकजुट भारत के बुलंद आवाज थे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी :सत्येन्द्र राजपूत

हरदोई। भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के 69 वें बलिदान दिवस पर मोहल्ला अल्हापुर इब्नेजई के बूथ 44 पर हरदोई भाजपा के जिला महामंत्री सत्येन्द्र कुमार सिंह राजपूत ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ पंडित  श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की।उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता के पहले और बाद के  दोनों काल खंडों में पूज्य मुखर्जी जी ने एक क्रांतिकारी की भूमिका का निर्वहन किया है उन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया उनका मानना था कि कश्मीर हमारा अभिन्न अंग है और वह द्विराष्ट्र त्रिराष्ट्र की विचारधारा के घोर विरोधी थे कश्मीर प्रकरण के सम्बन्ध में उनका नारा था कि एक देश में दो विधान दो प्रधान नहीं चलेंगे।

कहा कि डॉ मुखर्जी राष्ट्रवादी विचारक, शिक्षाविद्, तथा भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे। कहा कि डॉ मुखर्जी एकजुट भारत के बुलंद आवाज थे । उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के बाद तुष्टीकरण की मानसिकता से देश को आज़ाद कराने के लिए डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने जनसंघ की स्थापना की। उन्होंने जनसंघ के नाम का जो बीज बोया वह अब भाजपा नाम का वटवृक्ष बन चुका है। और हम उसकी शाखाये हैं। डॉ मुखर्जी भारत की संप्रभुता के मुद्दे पर किसी भी प्रकार का समझौता ना किए जाने के पक्षधर थे। 1951-52 में हुए पहले आम चुनाव के दौरान जम्मू और कश्मीर को लेकर उनका रुख यही था कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करके राज्य को पूरी तरह से भारत के संविधान के तहत लाया जाए। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और मास्टर तारा सिंह के संघर्ष का ही परिणाम था कि पंजाब और बंगाल का आधा हिस्सा भारत का अभन्नि अंग बना। वस्तुतः डॉ मुखर्जी ने राष्ट्रीय एकता के लिए ही अपने प्राणों का उच्चतम बलिदान दिया। कहा कि एक देश,एक विधान ,एक निशान के जिस संकल्प को सामने रखते हुए श्यामा प्रसाद ने अपनी आहुति दे दी । 

आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसे पूर्ण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। और उस संकल्प के पूरा होने की रौनक वहां की जनता के चेहरे में साफ नजर आती है । उन्होंने कहा कि हम वर्षों वर्ष तक जहां बलिदान मुखर्जी वो कश्मीर हमारा है और जो कश्मीर हमारा है वह सारे का सारा है का नारा लगाते रहे। आज देश के लाखों लाख लोगों के संकल्प से कश्मीर तो हमारा हो गया। अब सारा कश्मीर अपना बनाने के लिए जो बलिदान चाहिए वह भावना अपने अंदर जीवित रखना है। इस अवसर पर बूथ अध्यक्ष श्रीकृष्ण राजपूत,, करुणेश,आजाद, धीरेन्द्र सिंह,,सौरभ,विजय प्रताप,अमरजीत सिंह,अंकित गुप्ता, कुलदीप श्रीवास्तव सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।