मातृ दिवस विशेष: मातृ दिवस की शुभकामनाएं।

विजयलक्ष्मी सिंह   
(एडिटर-इन-चीफ)
मातृ दिवस विशेष:  माँ का आँचल हर मुसीबत से बचा लेता है। मातृत्व की छाया में हम एक  पौधे के रूप में बड़े होते है और फिर दुनिया को ठंडक और छाया देने का काम करते है ।
जननी मैं बड़ी भागिनी कौन तपस्या कीन जो तुझको पाईन, सुपर बच्चों की सुपर वूमेन माँ 
माँ जीवन का एक ऐसा खूबसूरत रिश्ता है जिसके आँचल में हम खुद को सुरक्षित महसूस करते है। कितनी भी बड़ी मुसीबत हो माँ अगर है पास तो जीवन सरल लगता है। हर मुश्किल आसान हो जाती है। मातृ दिवस किसी एक दिन का मोहताज नही न ही किसी के चंद कहानियों को बना देने से है। आदि काल से माँ का दर्जा बड़ा रहा है और उस जननी ने हमेशा ही अपने जैसी औलादों के रूप में समाज मे स्वस्थ समाज को स्थापित करने के लिए ऐसी पीढ़ी का निर्माण किया है जो समाज को आज स्वस्थ समाज बनाने के लिए प्रयासरत है और एक अहम भूमिका भी निभा रही है ।
माँ के साथ उप जिलाधिकारी स्वाति शुक्ला , समाज कल्याण अधिकारी अपनी बेटी नैंसी के साथ                   
  • उप जिलाधिकारी स्वाति शुक्ला ने मातृ दिवस की शुभकामनाएं इस तरीके से दी कि उन्होंने बताया कि आज वह जो भी हैं वह अपनी मां की वजह से हैं। उनकी मां एक बहुत ही मजबूत इरादों की महिला हैं और उन्हीं ने मुझे प्रेरित किया था कि मैं समाज के लिए कुछ कर सकूं, इसके लिए उन्होंने मुझे कड़ी मेहनत करने का हौसला दिया और इस मुकाम तक पहुंच सकूं। मैं आज जो भी हूं वह अपनी मां की वजह से हूं और मैं बस यही कहूंगी कि मां तेरा आंचल हर जन्म मुझे मिले मुझे गर्व है आपकी बेटी होने पर मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 
(स्वाति शुक्ला उप जिलाधिकारी )
  • समाज कल्याण अधिकारी राजमती की बेटी नैंसी अपनी मां को मातृ दिवस पर शुभकामनाएं देती हैं और कहती हैं मेरी माँ मेरी दुनिया, हर घड़ी मेरे साथ होती है। खुशियों की चाभी है माँ मेरे जीवन का आधार है। तुमसे बना मेरा जीवन तुमसे खिली मेरी दुनिया। माँ मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 

(नैंसी)

स्वाति जैन अपनी माँ के साथ,     मनीषा गुप्ता अपनी सासु माँ रीना गुप्ता के साथ
  • स्वाति जैन, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत ने अपनी मां को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माँ शब्द नहीं,भाव है। इस भाव को शब्दों  में बांधना अनंत को शब्दों में बाँधने जैसा दुरूह काम है। अनंत अगर शब्दों में बँध सके तो अनंत कहाँ? माँ दिन नहीं बच्चे की सदी है। भूत ,भविष्य और वर्तमान सब है। ये भाव जिसने भी जिया है वो भाग्यशाली है। ये भगवान को महसूस करने से कहीं भी कम नहीं है। आप सभी को इस एहसास की बधाई।
(स्वाति जैन, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत)
  • आज के परिवेश में जहां रिश्तो में कहीं ना कहीं तनाव देखने को मिलता है वहीं पर एक बहू के लिए सास अपनी मां से ज्यादा मायने रखती हैं यह जो कहावत कही जाती थी कि सास कभी मां नहीं बन सकती आज यह भी गलत साबित हुआ है। इसका जीता जागता उदाहरण रंगोली मंडप की ऑनर रीना गुप्ता हैं जिन की बहू मनीषा उनको अपनी मां से ज्यादा प्यार करती है और सम्मान करती हैं। मनीषा ने बताया कि जब से मेरी शादी हुई है तब से मुझे कभी एहसास ही नहीं हुआ कि मेरे पास मां नहीं है मेरी सासू मां ने मुझे एक बेटी की तरह से रखा है और मुझे इस बात की खुशी है कि मुझे उनकी बहू बनने का सौभाग्य मिला। मातृ दिवस पर सभी ने अपनी अपनी जननी को याद किया और शुभकामनाएं दी एक माँ ही ऐसी गुरु होती है जो जीवन का पाठ बिना किसी तकलीफ के सीखा देती है। हमें हर मुसीबत से बचाती है। 
माँ से बढ़कर मेरी सासूं माँ है उनके होने से माँ याद ही नही आती है  
(मनीषा गुप्ता)

हरदोई जिला अपर जिलाधिकारी वंदना त्रिवेदी ने अपनी मां को मातृ दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए एक रचना लिखी......
मां के साथ अपर जिलाधिकारी वंदना त्रिवेदी 
- गीत -
कातर आंखें सजल नयन 

कह गए मन की सारी बात 

आपने भी तो देखी होगी 

बे मौसम होती बरसात 


अंधियारे से चौराहे पर 

बैठे थे वो दोनों साथ 

कुछ दे जाते कुछ झिड़काते 

 मांगते वह फैलाए हाथ 

किससे कहें वह मन की बात 

पेट तो चाहे केवल भात 


आज उसे फिर देर हुई है

 नहीं मिली फिर से रोजी 

बूढ़ी अम्मा के सपनों में 

जूठन वाली ही रोटी 

भूख की नहीं है कोई जात 

पेट तो चाहे केवल भात 


भवनों में कल जो रहते थे 

आज खड़े हैं चौराहे पर 

दुनिया को जो खुद देते थे 

मांग रहे हैं आंसू भर भर 

वक्त बड़ी सबसे है बिसात 

अपनों ने ही दी है मात 


क्या वह दिन फिर से आएंगे 

खुशियां फिर से लौट आएंगे 

डाली से जो दूर फूल है 

प्रेम हार बन मुस्काएगे 

क्या बदलेंगे फिर हालात 

पेट तो चाहे केवल भात 


यह तो फिर से लहक उठेंगे 

बच्चों जैसे चहक उठेंगे 

अच्छे दिन की खुशबू पाकर

 बाहर भीतर महक उठेंगे 

जिनके घायल थे जज्बात 

पेट तू चाहे केवल भात

     वन्दना त्रिवेदी

अपर जिलाधिकारी हरदोई

     (स्वरचित)

वेदांत अपनी माँ (वन्दना त्रिवेदी अपर जिलाधिकारी) के साथ 

  • साथ ही उनका बेटा वेदांत ने अपनी मां को मातृ दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपकी तरह ही समाज के लिए मैं भी कुछ कर सकूं यह प्रेरणा मुझे आपसे मिलती है। वेदांत बहुत ही समझदार बच्चा है वह जब भी फोन करता है तो अपनी मां को सबसे पहले यह पूछता है कि आप कहां पर हैं अगर आप व्यस्त हैं तो मैं बाद में बात कर लूंगा। इस तरह से बहुत कम ही देखने को मिलता है कि बच्चे इस तरह की समझदारी की बात करें पर कहते हैं कि माता-पिता का प्रभाव बच्चों पर होता है। ऐसा ही प्रभाव वंदना त्रिवेदी के बेटे में देखने को मिलता है। इस तरह से हर परिस्थिति के साथ में सामंजस्य रखते हुए वह अपनी मां की समस्त जिम्मेदारियों को बहुत ही समझदारी के साथ समझता है।

(वेदांत)

माँ (लेफ्ट साइड) और सासु माँ (राइट साइड ) के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती 

  • जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने मातृ दिवस पर बताया कि आज वह जो कुछ भी है वह अपनी सासू मां की वजह से हैं। मेरे लिए तो मेरी जन्म देने वाली मां से बढ़कर "मुझको जर्रे से आफताब" बनाने में पूर्ण भूमिका मेरी सासू माँ की रही है। आज मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं की बदौलत हूं। मैं तहे दिल से मातृ दिवस की शुभकामनाएं देती हूं। ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि अगर मुझे पुनः जन्म मिलता है तो मुझे सासू के रूप में मेरी यही मां मिले। यह कहते हुए उनकी आंखें नम हो गए उनको याद करके कहा कि आज अगर वह होती तो वह देखती कि उनकी मेहनत ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। वह जहां भी होंगी हमें अपना आशीर्वाद प्रदान करती होंगी।

(प्रेमावती जिला पंचायत अध्यक्ष)

नेहा सिंह टीवी एंकर अपने परिवार के साथ बेटी और पति बबलू कुमार मंडी सचिव हरदोई

  • मातृ दिवस पर नेहा सिंह जो कि एक टीवी एंकर भी हैं आज उनकी बेटी का जन्मदिन पर उन्होंने कहा कि इससे अच्छा दिन कोई हो ही नहीं सकता। इस दिन मुझे इस मातृत्व के महत्व के बारे में पता चला जब मेरे जीवन में मेरी बेटी का जन्म हुआ। इसलिए मातृ दिवस की सभी मातृ शक्तियों को बहुत-बहुत बधाई साथ ही मेरी जननी मेरी माता को भी बहुत बहुत बधाई। 

(नेहा सिंह टीवी एंकर)


माँ के साथ वर्तिका सिंह, अर्विता सिंह,  माँ के साथ शिल्पी पांडेय
  • शिल्पी पांडेय कहती है कि मेरे लिए मेरी दुनिया मेरी माँ है ,मेरे होने का मां एक अहसास है। मां से मैं हूं और मुझसे मां है। भगवान से भी ऊंचा दर्जा है मां का,मां से बड़कर कुछ नही है मातृ दिवस की शुभकामनाएं। 
(शिल्पी पांडेय)
  • मेरी माँ  मेरी दुनिया है और मेरी माँ ने ही मुझे हर घड़ी हर परिस्थिति में जीना सिखाया है मैं बस ईश्वर से यही प्रार्थना करूंगी कि मेरी माँ की उम्र बहुत लंबी हो और जीवन भर उनका साया मेरे सर पर बना रहे मुझे अगर दूसरा जन्म भी मिले तो मेरी मां के रूप में मुझे मेरी यही माँ मिले मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 
(वर्तिका सिंह, अर्विता सिंह)

आई एन ए हरदोई डेस्क