हरदोई। मयंक शुक्ला हत्याकांड मामले में पिता पुत्र व भाई-भतीजे समेत पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई व प्रति व्यक्ति 37 हजार 500 रू जुर्माना लगाया गया।

हरदोई। शहर के चर्चित मयंक शुक्ला हत्याकांड में अदालत का फैसला आ गया है। बुधवार को अपर जिला जज (कोर्ट संख्या 11) अबुल कैश ने पांच लोगों पर हत्याभियोग सिद्ध पाया गया। बुधवार को सजा सुनाई गई,पिता पुत्र व भाई भतीजे समेत पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई,व प्रति व्यक्ति 37 हजार 500 रूपये जुर्माना लगाया गया। हरिनाम सिंह,पुत्र बच्चू सिंह ,अशोक सिंह,पुत्र बच्चू सिंह मास्टर पुत्र राजेन्द्र सिंह, प्रमोद सिंह पुत्र शत्रुघन सिंह अरुणेश सिंह पुत्र हरनाम सिंह सभी पांचों आरोपियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है वही प्रति व्यक्ति 37500का जुर्माना लगाया है।


शहर के लखनऊ मार्ग निवासी तत्कालीन एसडीएम रमेश चंद्र शुक्ला के पुत्र मयंक शुक्ला की आठ अप्रैल 2013 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद काफी बवाल भी हुआ था। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना की एफआईआर अविनाश त्रिवेदी उर्फ सत्येंद्र निवासी लखनऊ रोड ने दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि उनका नौकर शक्तिदीन की जमीन ग्राम बहलोली के पास स्थित है। जिस पर सुबह 9 बजे मजदूरों से काम करवा रहे थे। मौके पर सुरेश चंद्र शुक्ला, प्रशांत शुक्ला, अविनाश त्रिवेदी उर्फ सत्येंद्र,शादाब,स्वर्ण दीप शुक्ला उर्फ रोहित व मयंक शुक्ला व शुभम् बाजपेई मौजूद थे। वहां पर प्रमोद सिंह आए व मयंक शुक्ला को अपने चाचा अशोक सिंह व ताऊ हरिनाम सिंह से मिलवाने के लिए बुलवाया। मयंक शुक्ला उनके साथ ग्राम बहलोली के पास स्थित अशोक सिंह के फ्लोर मिल पर गए। गेट पर पहुंचते ही अशोक सिंह व हरिनाम सिंह,मास्टर पुत्र राजेंद्र सिंह मयंक शुक्ला को देखते ही गाली गलौज करने लगे। हरिनाम सिंह ने मयंक शुक्ला के सीने पर राइफल लगा दी व अन्य लोग असलहा लिए थे। गाली गलौज होने पर सत्येंद्र त्रिवेदी व शादाब खां दौडकर मयंक शुक्ला की तरफ भागे। तब हरिनाम सिंह ने अपनी राइफल से मयंक शुक्ला को गोली मार दी। अशोक सिंह,हरिनाम सिंह,प्रमोद सिंह,मास्टर व अन्य लोग फायरिग करते हुए वाहनों से भाग गए। उसके बाद मयंक शुक्ला को अस्पताल ले जाया गया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने हत्याभियोग में अशोक सिंह ,हरिनाम सिंह पुत्रगण बच्चू सिंह, अरुणेश सिंह पुत्र हरिनाम सिंह, (आपस में भाई-भतीजे) प्रमोद सिंह पुत्र शत्रुघ्न सिंह व मास्टर उर्फ सूरज सिंह गौर पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी गण बहलोली पर दोष सिद्ध पाया सभी पांचों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए प्रति व्यक्ति ₹37500 का जुर्माना लगाया है अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सूरजपाल सिंह ,केके अवस्थी व फौजदारी अधिवक्ता रामदेव शुक्ला पैरवी कर रहे थे।

आई एन ए हरदोई डेस्क